पद्म पुरस्कार: भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान | Padma Awards 2025 |

Padma awards 2025 पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं, जो तीन श्रेणियों में प्रदान कीये जाते हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण, और पद्म श्री। ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों/गतिविधियों में प्रदान कीये जाते हैं, जैसे – कला, समाज सेवा, लोक प्रशासन, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदिआंती आदिकों में।

  • ‘पद्म विभूषण’ असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
  • ‘पद्म भूषण’ उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
  • ‘पद्म श्री’ किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।

Read More About Padma Award : – भारत के नागरिक सम्मान पुरस्कार , प्रतिष्ठा और चयन प्रक्रिया | 

पुरस्कारों की घोषण इन पुरस्कारों की घोषण हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर की जाती है।

ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा चीफ्र समारोओं में प्रदान कीये जाते हैं, जो प्रत्येक मार्च/अप्रैल के आसपास राष्ट्रपति भवन में की जाती हैं।

वर्ष 2025 के लिए, राष्ट्रपति ने कुल 139 पद्म पुरस्कार प्रदान की स्वीकृति दी है, जिन्हें 1 युगल मामले में गीना गया है (युगल मामले को एक माना जाता है)। सूची यह है:

  1. 7 पद्म विभूषण
  2. 19 पद्म भूषण
  3. 113 पद्म श्री पुरस्कार

विशेष:

  1. चुने गए लोगों में 23 महिलाओं को पुरस्कृत किया गया है।
  2. इस सूची में 10 विदेशी/एनआरआई/पीआईओ/ओसीआई श्रेणी के व्यक्तिय शामिल हैं।
  3. 13 मरणोपरांत पुरस्कृत किये गए हैं।पद्म विभूषण (7):
    1. श्री दुर्वुर नागेश्वर रेड्डी – चिकित्सा (तेलंगाना)
    2. न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री जगदीश सिंह खेहर – लोक प्रशासन (चंडीगढ़)
    3. श्रीमती कुमुदिनी रजनीकांत लखिया – कला (गुजरात)
    4. श्री लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम – कला (कर्नाटक)
    5. श्री एम. टी. वासुदेवन नायर (मरणोपरांत) – साहित्य और शिक्षा (केरल)
    6. श्री ओसामु सुजुकी (मरणोपरांत) – व्यापार और उद्योग (जापान)
    7. श्रीमती शारदा सिन्हा (मरणोपरांत) – कला (बिहार)

    पद्म भूषण (19):

    1. श्री ए. सूर्य प्रकाश – साहित्य और शिक्षा – पत्रकारिता (कर्नाटक)
    2. श्री अनंत नाग – कला (कर्नाटक)
    3. श्री बिबेक देबरॉय (मरणोपरांत) – साहित्य और शिक्षा (एनसीटी दिल्ली)
    4. श्री जतिन गोस्वामी – कला (असम)
    5. श्री जोसे चाको पेरियापुरम – चिकित्सा (केरल)
    6. श्री कैलाश नाथ दीक्षित – अन्य – पुरातत्व (एनसीटी दिल्ली)
    7. श्री मनोहर जोशी (मरणोपरांत) – लोक प्रशासन (महाराष्ट्र)
    8. श्री नल्ली कुप्पुस्वामी चेट्टी – व्यापार और उद्योग (तमिलनाडु)
    9. श्री नंदमुरी बालकृष्ण – कला (आंध्र प्रदेश)
    10. श्री पी. आर. श्रीजेश – खेल (केरल)
    11. श्री पंकज पटेल – व्यापार और उद्योग (गुजरात)
    12. श्री पंकज उधास (मरणोपरांत) – कला (महाराष्ट्र)
    13. श्री रामबहादुर राय – साहित्य और शिक्षा – पत्रकारिता (उत्तर प्रदेश)
    14. साध्वी ऋतम्भरा – सामाजिक कार्य (उत्तर प्रदेश)
    15. श्री एस. अजित कुमार – कला (तमिलनाडु)
    16. श्री शेखर कपूर – कला (महाराष्ट्र)
    17. सुश्री शोभना चंद्रकुमार – कला (तमिलनाडु)
    18. श्री सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत) – लोक प्रशासन (बिहार)
    19. श्री विनोद धाम – विज्ञान और अभियांत्रिकी (संयुक्त राज्य अमेरिका)

    पद्म श्री (113):

    1. श्री अद्वैत चरण गदनायक – कला (ओडिशा)
    2. श्री अच्युत रामचंद्र पालव – कला (महाराष्ट्र)
    3. श्री अजय वी. भट्ट – विज्ञान और अभियांत्रिकी (संयुक्त राज्य अमेरिका)
    4. श्री अनिल कुमार बरो – साहित्य और शिक्षा (असम)
    5. श्री अरिजीत सिंह – कला (पश्चिम बंगाल)
    6. श्रीमती अरुंधति भट्टाचार्य – व्यापार और उद्योग (महाराष्ट्र)
    7. श्री अरुणोदय साहा – साहित्य और शिक्षा (त्रिपुरा)
    8. श्री अरविंद शर्मा – साहित्य और शिक्षा (कनाडा)
    9. श्री अशोक कुमार महापात्र – चिकित्सा (ओडिशा)
    10. श्री अशोक लक्ष्मण सराफ – कला (महाराष्ट्र)
    11. श्री अशुतोष शर्मा – विज्ञान और अभियांत्रिकी (उत्तर प्रदेश)
    12. श्रीमती अश्विनी भिडे देशपांडे – कला (महाराष्ट्र)
    13. श्री बैजनाथ महाराज – अन्य – आध्यात्मिकता (राजस्थान)
    14. श्री बैरी गॉडफ्रे जॉन – कला (एनसीटी दिल्ली)
    15. श्रीमती बेगम बटूल – कला (राजस्थान)
    16. श्री भरत गुप्त – कला (एनसीटी दिल्ली)
    17. श्री भैरू सिंह चौहान – कला (मध्य प्रदेश)
    18. श्री भीम सिंह भावेश – सामाजिक कार्य (बिहार)
    19. श्रीमती भीमव्वा डोड्डाबलप्पा शिल्लेक्याथारा – कला (कर्नाटक)
    20. श्री बुधेन्द्र कुमार जैन – चिकित्सा (मध्य प्रदेश)
    21. श्री सी. एस. वैद्यनाथन – लोक प्रशासन (एनसीटी दिल्ली)
    22. श्री चैत्रम देवचंद पवार – सामाजिक कार्य (महाराष्ट्र)
    23. श्री चंद्रकांत शेट (मरणोपरांत) – साहित्य और शिक्षा (गुजरात)
    24. श्री चंद्रकांत सोमपुरा – अन्य – वास्तुकला (गुजरात)
    25. श्री चेतन ई. चिटनिस – विज्ञान और अभियांत्रिकी (फ्रांस)
    26. श्री डेविड आर. सिएमलिह – साहित्य और शिक्षा (मेघालय)
    27. श्री अहमद मीर – कला (जम्मू और कश्मीर)
    28. श्री गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ – साहित्य और शिक्षा (उत्तर प्रदेश)
    29. श्रीमती गीता उपाध्याय – साहित्य और शिक्षा (असम)
    30. श्री गोकुल चंद्र दास – कला (पश्चिम बंगाल)
    31. श्री गुरुवयूर दोरई – कला (तमिलनाडु)
    32. श्री हरचंदन सिंह भट्टी – कला (मध्य प्रदेश)
    33. श्री हरिमन शर्मा – अन्य – कृषि (हिमाचल प्रदेश)
    34. श्री हरजिंदर सिंह श्रीनगर वाले – कला (पंजाब)
    35. श्री हरविंदर सिंह – खेल (हरियाणा)
    36. श्री हसन रघु – कला (कर्नाटक)
    37. श्री हेमंत कुमार – चिकित्सा (बिहार)
    38. श्री ह्रदय नारायण दीक्षित – साहित्य और शिक्षा (उत्तर प्रदेश)
    39. श्री ह्यूग और कलीन गैंटजर (मरणोपरांत) – साहित्य और शिक्षा – पत्रकारिता (उत्तराखंड)
    40. श्री इनिवालप्पिल मणि विजयन – खेल (केरल)
    41. श्री दुर्गा चरण रणबीर – कला (ओडिशा)
    42. श्री फारूक – कला (केरल)
    43. श्री जगदीश जोशीला – साहित्य और शिक्षा (मध्य प्रदेश)
    44. श्रीमती जसपिंदर नरूला – कला (महाराष्ट्र)
    45. श्री जोनास मसेटी – अन्य – आध्यात्मिकता (ब्राजील)
    46. श्री जयनाचारण बथारी – कला (असम)
    47. श्रीमती जुमडे योमगाम गमलिन – सामाजिक कार्य (अरुणाचल प्रदेश)
    48. श्री के. दामोदरन – अन्य – पाक कला (तमिलनाडु)
    49. श्री के. एल. कृष्णा – साहित्य और शिक्षा (आंध्र प्रदेश)
    50. श्रीमती के. ओमाना कुट्टी अम्मा – कला (केरल)
    51. श्री किशोर कुणाल (मरणोपरांत) – सिविल सेवा (बिहार)
    52. श्री एल. हैंगथिंग – अन्य – कृषि (नागालैंड)
    53. श्री लक्ष्मीपति रामासुब्बईयर – साहित्य और शिक्षा – पत्रकारिता (तमिलनाडु)
    54. श्री ललित कुमार मंगोत्रा – साहित्य और शिक्षा (जम्मू और कश्मीर)
    55. श्री लामा लोबजांग (मरणोपरांत) – अन्य – आध्यात्मिकता (लद्दाख)
    56. श्रीमती लिबिया लोबो सरदेसाई – सामाजिक कार्य (गोवा)
    57. श्री एम. डी. श्रीनिवास – विज्ञान और अभियांत्रिकी (तमिलनाडु)
    58. श्री मदुगुला नागफणि शर्मा – कला (आंध्र प्रदेश)
    59. श्री महाबीर नायक – कला (झारखंड)
    60. श्रीमती ममता शंकर – कला (पश्चिम बंगाल)
    61. श्री मंदा कृष्णा मडिगा – लोक प्रशासन (तेलंगाना)
    62. श्री मारुति भुजंगराव चितमपल्ली – साहित्य और शिक्षा (महाराष्ट्र)
    63. श्री मिरीयाला अप्पाराव (मरणोपरांत) – कला (आंध्र प्रदेश)
    64. श्री नागेंद्र नाथ रॉय – साहित्य और शिक्षा (पश्चिम बंगाल)
    65. श्री नारायण (भूलाई भाई) (मरणोपरांत) – लोक प्रशासन (उत्तर प्रदेश)
    66. श्री नारन गुरंग – कला (सिक्किम)
    67. श्रीमती नीरजा भाटला – चिकित्सा (एनसीटी दिल्ली)
    68. श्रीमती निर्मला देवी – कला (बिहार)
    69. श्री नितिन नोहरिया – साहित्य और शिक्षा (संयुक्त राज्य अमेरिका)
    70. श्री ओंकार सिंह पाहवा – व्यापार और उद्योग (पंजाब)
    71. श्री पी. दचन्मूर्ति – कला (पुडुचेरी)
    72. श्री पंडीराम मंडावी – कला (छत्तीसगढ़)
    73. श्री परमार लवजीभाई नागजीभाई – कला (गुजरात)
    74. श्री पवन गोयनका – व्यापार और उद्योग (पश्चिम बंगाल)
    75. श्री प्रशांत प्रकाश – व्यापार और उद्योग (कर्नाटक)
    76. श्रीमती प्रतिभा सत्पथी – साहित्य और शिक्षा (ओडिशा)
    77. श्री पुरिसाई कन्नप्पा संबंदन – कला (तमिलनाडु)
    78. श्री आर. अश्विन – खेल (तमिलनाडु)
    79. श्री आर. जी. चंद्रमोगन – व्यापार और उद्योग (तमिलनाडु)
    80. श्रीमती राधा बहिन भट्ट – सामाजिक कार्य (उत्तराखंड)
    81. श्री राधाकृष्णन देवसेनापथी – कला (तमिलनाडु)
    82. श्री रामदरश मिश्र – साहित्य और शिक्षा (एनसीटी दिल्ली)
    83. श्री रणेंद्र भानु मजूमदार – कला (महाराष्ट्र)
    84. श्री रतन कुमार परिमू – कला (गुजरात)
    85. श्री रेबा कांता महंता – कला (असम)
    86. श्री रेंथलेई लालरावना – साहित्य और शिक्षा (मिजोरम)
    87. श्री रिकी ग्यान केज – कला (कर्नाटक)
    88. श्री सज्जन भजंका – व्यापार और उद्योग (पश्चिम बंगाल)
    89. श्रीमती सैली होलकर – व्यापार और उद्योग (मध्य प्रदेश)
    90. श्री संत राम देसवाल – साहित्य और शिक्षा (हरियाणा)
    91. श्री सत्यपाल सिंह – खेल (उत्तर प्रदेश)
    92. श्री सीनि विश्वनाथन – साहित्य और शिक्षा (तमिलनाडु)
    93. श्री सेथुरामन पंचनाथन – विज्ञान और अभियांत्रिकी (संयुक्त राज्य अमेरिका)
    94. श्रीमती शेखा शेखा अली अल-जाबेर अल-सबाह – चिकित्सा (कुवैत)
    95. श्री शीन काफ निजाम (शिव किशन बिस्सा) – साहित्य और शिक्षा (राजस्थान)
    96. श्री श्याम बिहारी अग्रवाल – कला (उत्तर प्रदेश)
    97. श्रीमती सोनिया नित्यानंद – चिकित्सा (उत्तर प्रदेश)
    98. श्री स्टीफन नैप – साहित्य और शिक्षा (संयुक्त राज्य अमेरिका)
    99. श्री सुभाष खेतुलाल शर्मा – अन्य – कृषि (महाराष्ट्र)
    100. श्री सुरेश हरिलाल सोनी – सामाजिक कार्य (गुजरात)
    101. श्री सुरिंदर कुमार वसल – विज्ञान और अभियांत्रिकी (दिल्ली)
    102. श्री स्वामी प्रदीप्तानंद (कार्तिक महाराज) – अन्य – आध्यात्मिकता (पश्चिम बंगाल)
    103. श्री सैयद ऐनुल हसन – साहित्य और शिक्षा (उत्तर प्रदेश)
    104. श्री तेजेंद्र नारायण मजूमदार – कला (पश्चिम बंगाल)
    105. श्रीमती थियम सुर्यमुखी देवी – कला (मणिपुर)
    106. श्री तुषार दुर्गेशभाई शुक्ला – साहित्य और शिक्षा (गुजरात)
    107. श्री वादिराज राघवेंद्राचार्य पंचमुखी – साहित्य और शिक्षा (आंध्र प्रदेश)
    108. श्री वासुदेव कामथ – कला (महाराष्ट्र)
    109. श्री वेलु आसन – कला (तमिलनाडु)
    110. श्री वेंकप्पा अंबाजी सुगतेकर – कला (कर्नाटक)
    111. श्री विजय नित्यानंद सुरेश्वर जी महाराज – अन्य – आध्यात्मिकता (बिहार)
    112. श्रीमती विजयलक्ष्मी देशमाने – चिकित्सा (कर्नाटक)
    113. श्री विलास दांगरे – चिकित्सा (महाराष्ट्र)यह पूरी सूची पद्म पुरस्कार 2025 के विजेताओं की है, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करती है।

 

          पद्म पुरस्कार 2025: प्रेरणादायक व्यक्तित्व और उनकी उपलब्धियां

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने पद्म पुरस्कार 2025 की घोषणा की, जो हमारे देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है।

इस वर्ष कला के क्षेत्र में सबसे अधिक पुरस्कार दिए गए, इसके बाद साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रेरणादायक व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। यह न केवल उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

पद्म विभूषण विजेताओं की झलक

1- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जगदीश सिंह खेहर

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, जिन्होंने 2017 में ट्रिपल तलाक को गैरकानूनी घोषित करने वाले ऐतिहासिक फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनका योगदान केवल न्याय के क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के विकास में भी एक बड़ा कदम है। यह सम्मान उनके न्यायप्रिय दृष्टिकोण और साहसिक नेतृत्व का प्रतीक है।

2-  डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट)

तेलंगाना के प्रसिद्ध चिकित्सा विशेषज्ञ, डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी को उनके चिकित्सा क्षेत्र में किए गए योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने आधुनिक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में भारत को वैश्विक स्तर पर एक पहचान दिलाई है।

3-  कुमुदिनी रजनीकांत लखिया (कथक नृत्यांगना)

गुजरात की मशहूर कथक नृत्यांगना कुमुदिनी लखिया को उनके नृत्य के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उनकी कला भारतीय संस्कृति की धरोहर को विश्व पटल पर चमकाने का कार्य करती है।

4-  लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम (वायलिन वादक)

कर्नाटक के महान वायलिन वादक लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनकी संगीत यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

5-  एम.टी. वासुदेवन नायर (लेखक) (मरणोपरांत)

केरल के प्रतिष्ठित लेखक और साहित्यकार, एम.टी. वासुदेवन नायर को उनकी साहित्यिक कृतियों के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनकी रचनाएँ भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।

6-  ओसामु सुजुकी (जापान) (मरणोपरांत)

सुजुकी मोटर कंपनी के नेतृत्वकर्ता ओसामु सुजुकी, जिन्होंने भारत में ऑटोमोबाइल क्रांति को एक नई दिशा दी, को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनका योगदान भारत और जापान के बीच संबंधों को मजबूत करने में भी अहम रहा है।

7-  शारदा सिन्हा (भोजपुरी और मैथिली गायिका) (मरणोपरांत)

बिहार की प्रसिद्ध गायिका शारदा सिन्हा, जिन्होंने भोजपुरी और मैथिली संगीत को एक नई पहचान दिलाई, को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनकी आवाज में भारतीय लोक संस्कृति की आत्मा झलकती है।

पद्म पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उन लोगों की कहानियां हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और कड़ी कोशिश से असंभव को संभव किया। ये पुरस्कार हर भारतीय को यह याद दिलाते हैं कि यदि हमारे इरादे मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो दुनिया की कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती।

इन विजेताओं की जीवन कहानियां हमें सिखाती हैं कि संघर्ष और दृढ़ संकल्प ही सफलता की कुंजी हैं। चाहे वह न्याय का क्षेत्र हो, चिकित्सा, संगीत, नृत्य, या साहित्य—हर क्षेत्र में उन्होंने अपने उत्कृष्ट योगदान से देश को गर्वित किया है।

पद्म पुरस्कार 2025: देश के महान व्यक्तित्वों की प्रेरणादायक कहानियाँ

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कार 2025 की घोषणा की गई। इस वर्ष के सम्मान पाने वाले व्यक्तित्वों ने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है। ये पुरस्कार उन सभी के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत और समर्पण के रास्ते पर चलते हैं। आइए, इन महान विभूतियों के जीवन और योगदान को करीब से जानें।

पद्म भूषण 2025: प्रेरणादायक व्यक्तित्वों का सम्मान

अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय (मरणोपरांत)

प्रख्यात अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनकी आर्थिक नीतियों और योगदान ने भारत के विकास को नई दिशा दी। उनकी विचारधारा आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करती है।

 गज़ल गायक पंकज उधास (मरणोपरांत)

गज़ल की दुनिया के महान कलाकार पंकज उधास को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनकी आवाज ने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई और संगीत प्रेमियों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी।

 महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी (मरणोपरांत)

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका नेतृत्व और सेवा भाव आज भी सराहनीय हैं।

 बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत)

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने राजनीति में अपने ईमानदार और सेवा-समर्पित दृष्टिकोण से एक अलग पहचान बनाई।

 फिल्म निर्माता शेखर कपूर

विश्व प्रसिद्ध फिल्म निर्माता शेखर कपूर, जिन्होंने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनकी फिल्में न केवल मनोरंजन बल्कि समाज को शिक्षित और प्रेरित भी करती हैं।

 हॉकी खिलाड़ी पी.आर. श्रीजेश

ओलंपिक में दो बार कांस्य पदक विजेता और भारतीय हॉकी टीम के प्रेरणादायक खिलाड़ी पी.आर. श्रीजेश को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारत को हॉकी में वैश्विक पहचान दिलाई।

 अभिनेता अनंत नाग

कन्नड़ फिल्मों के मशहूर अभिनेता अनंत नाग को उनके अद्भुत अभिनय कौशल और सिनेमा के प्रति योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

 असम के लोक संस्कृति विशेषज्ञ जतिन गोस्वामी

असम के प्रसिद्ध लोक संस्कृति विशेषज्ञ जतिन गोस्वामी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनका योगदान असम की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रचारित करने में अतुलनीय है।

 साध्वी ऋतंभरा

सामाजिक कार्य के क्षेत्र में साध्वी ऋतंभरा को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके कार्य और संघर्ष ने समाज में जागरूकता फैलाने का काम किया।

पद्म श्री 2025: जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान

 गायक अरिजीत सिंह

मशहूर गायक अरिजीत सिंह, जिनकी आवाज ने लाखों दिलों को छुआ है, को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनकी संगीत यात्रा युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।

 क्रिकेटर आर. अश्विन

भारतीय क्रिकेट टीम के महान ऑलराउंडर आर. अश्विन को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धियाँ क्रिकेट प्रेमियों के लिए गर्व का कारण हैं।

 मृदंगम कलाकार गुरुवायूर दोराई

तमिलनाडु के 89 वर्षीय मृदंगम कलाकार गुरुवायूर दोराई को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत में अपनी अनमोल ध्वनियों से योगदान दिया है।

 मूर्तिकार राधाकृष्णन देवसेनापति

राधाकृष्णन देवसेनापति, जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची भगवान नटराज की मूर्ति बनाई, को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। यह मूर्ति जी-20 सम्मेलन में प्रदर्शित की गई थी।

शेफ के. दामोदरन (शेफ दामू)

तमिलनाडु के प्रख्यात शेफ के. दामोदरन, जिन्हें “शेफ दामू” के नाम से जाना जाता है, को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारतीय व्यंजनों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई।

आर.जी. चंद्रमोगन

अरुण आइसक्रीम के संस्थापक और हटसन एग्रो प्रोडक्ट्स के अध्यक्ष आर.जी. चंद्रमोगन को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनका दृष्टिकोण और मेहनत हर उद्यमी के लिए प्रेरणादायक है।

सीनी विश्वनाथन

तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के कार्यों को 16 खंडों में संकलित करने वाले विद्वान सीनी विश्वनाथन को पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

 एम.डी. श्रीनिवास

मायलापुर स्थित सेंटर फॉर पॉलिसी स्टडीज के अध्यक्ष एम.डी. श्रीनिवास को पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

तमिलनाडु और पुडुचेरी से पद्म पुरस्कार

इस वर्ष तमिलनाडु के 13 और पुडुचेरी के 1 व्यक्ति को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह दर्शाता है कि दक्षिण भारत ने कला, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में भारत को वैश्विक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

पद्म पुरस्कार 2025 के विजेताओं की कहानियाँ हमें सिखाती हैं कि अपने सपनों को साकार करने के लिए समर्पण और परिश्रम सबसे महत्वपूर्ण हैं। ये पुरस्कार उन लोगों को समर्पित हैं जिन्होंने अपने काम के माध्यम से न केवल अपना, बल्कि अपने देश का नाम रोशन किया।

क्या आपको इन महान व्यक्तित्वों की कहानियाँ प्रेरणादायक लगीं? हमें कमेंट में बताएं और इस पोस्ट को ज़रूर साझा करें ताकि हर कोई इनसे प्रेरणा ले सके।

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