दोस्तों, 5 अगस्त 2019 का दिन Removal of Article 370 and 35-A | अनुच्छेद 370 और 35-ए हटाना जम्मू कश्मीर के लिए बहुत महत्त्व पूर्ण और ऐतिहासिक दिन है | जब देश के होम मिनिस्टर अमित शाह ने संसद में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35a को हटाने की घोषणा की थी, तो किसी को भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था |
जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने का निर्णय मोदी सरकार के सबसे बड़े निर्णय में से एक है | इस आर्टिकल के हटने के बाद 1950 में जम्मू कश्मीर को दिए गए विशेष राज्य का हैसियत खत्म कर दिया गया |
इसके बाद से ही जम्मू कश्मीर भी एक देश एक विधान और एक संविधान के दायरे में आ गया है | ऐसा माना जाता है कि आर्टिकल 370 के हटने के बाद भारत और कश्मीर में नये युग में कदम रखा था | इस फैसले से न सिर्फ विपक्ष पार्टीयां बल्कि पूरी दुनिया को शोक में डाल दिया था |
उसे समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे इमरान खान के लिए भी मोदी सरकार के इस निर्णय पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा था | इमरान खान तो इसको लेकर यूनाइटेड नेशन तक पहुंच गए थे, और एक लंबी चौड़ी भाषण भी थी | उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि मोदी सरकार का यह निर्णय कश्मीर की जनता के पक्ष में नहीं है, और इस फैसले के बाद जम्मू कश्मीर में आतंक वाद और अधिक बढ़ जाएगा |
उन्होंने जम्मू कश्मीर के लिए पूरी दुनिया से सहायता भी मांगी थी | उन्होंने मोदी सरकार पर कश्मीर के 80 लाख लोगों को कर्फ्यू की स्थिति में रखने का भी आरोप लगाया था |
वही मोदी सरकार का कहना था कि आर्टिकल 370 की आड़ में जम्मू कश्मीर में आतंक वाद को बढ़ावा दिया जा रहा था और कश्मीर के विकास के लिए यह निर्णय लेना काफी जरूरी था |
भारत सरकार ने 5 अगस्त 2019 को राज्यसभा में एक ऐतिहासिक जम्मू एंड कश्मीर पुनर्निर्माण एक्ट 2019 प्रस्तुत किया था | जिसमें जम्मू कश्मीर राज्य से संविधान का आर्टिकल 370 हटाने और राज्य का विभाजन जम्मू – कश्मीर एवं लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश के रूप में करने का प्रस्ताव दिया गया था |
गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में चार संकल्प प्रस्तुत करते हुए, आर्टिकल 370 को खत्म करने का प्रस्ताव दिया था | आर्टिकल 370 को जम्मू कश्मीर से हटाने का फैसला संसद साधारण बहुमत से पास कर सकती है | 6 अगस्त को इसी प्रस्ताव को लोकसभा में रखा गया, जो दोनों सदनों से बहस के बाद पास हो गया था | इसके साथ ही जम्मू कश्मीर का विभाजन कर जम्मू – कश्मीर एवं लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था |
जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में अपनी विधान मंडल है, जबकि लद्दाख बिना विधान मंडल वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था | इस फैसले का जहां पूरे देश की जनता का समर्थन मिल रहा था | वहीं विपक्ष की पार्टीयां इसे लेकर खुश नहीं थी |
पी डी पी अध्यक्ष व जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आर्टिकल 370 पर लिया गया सरकार का निर्णय गलत बताया था | आर्टिकल 370 को हटाने के निर्णय को अवैध और असंवैधानिक कहा था | उन्होंने ट्वीट करके कहा था कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र का एक काल दिन है |
1947 में दो राष्ट्रों के सिद्धांतों को अस्वीकार करने का फैसला और भारत के साथ जुड़ने का निर्णय जम्मू कश्मीर को भारी पड़ गया |
यह फैसला जम्मू कश्मीर को चलाने का पूरा अधिकार भारत को दे देगा | भारत सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है | वे जम्मू कश्मीर के लोगों को डराकर इस पर अपना अधिकार चाहते हैं | भारत कश्मीर के साथ किए गए वादों को निभाने में विफल रहा |
भारत सरकार के जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के फैसले से हमारे पड़ोसी देशों के साथ ही बाकी देशों को भी चौंका दिया था | इस पर बहुत से देशों ने अपना – अपना वक्तव्य दिया था | आर्टिकल 370 को हटाए जाने को लेकर यूरोपीय यूनियन ने अपने वक्तव्य में कहा था कि भारत पाकिस्तान के बीच जो टेंशन बड़ा है, उसे काम करने के लिए दोनों देशों को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए | बातचीत के जरिए मामले को आसानी से हल किया जा सकता है |
उस समय चीन ने भी पाकिस्तान और भारत को लेकर चिंता जाहिर की थी | इस पर भारत ने चीन को निर्देशित करते हुए बयान दिया था कि 370 हटाया जाना, भारत की आंतरिक समस्या है और इसमें चीन की दखलअंदाजी ठीक नहीं है |
पाकिस्तानी सामाजिक कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने भी पाकिस्तान को इस मामले में आईना दिखाते हुए कहा था कि इससे कश्मीर में शांति बनी रह सकती है, और पाकिस्तान को फालतू की कदम उठाने से बचना चाहिए |
दोस्तों आपको बता दे की 70 साल से अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर आर्टिकल 370 को हटाने की मांग की जा रही थी | जब 70 साल बाद आर्टिकल 370 को वहां से हटाया गया तो पूरे देश में कश्मीर की असली आजादी का जश्न मनाया गया |
5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद कश्मीर घाटी में काफी कुछ बदल गया था | इस निर्णय को लेने से काफी समय पहले ही सरकार ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी थी |
3 अगस्त 2019 को राज्य सरकार ने अमरनाथ यात्रा को बीच में ही रोक दिया था | और सभी यात्रियों को जम्मू कश्मीर को छोड़ने के लिए कहा गया था | इसके पीछे आर्टिकल 370 को हटाने का ही प्लान था |
इतना ही नहीं उस समय घाटी की स्थिति नियंत्रण में रहे, इसके लिए फोर्स भी बना दी गई थी जिस टाइम केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया था, तब जम्मू कश्मीर में कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे | वहाँ मोबाइल फोन, इंटरनेट ,टीवी पर बैन लगा दिया गया था |
कई क्षेत्र में धारा 144 लगाई गई थी | हालांकि कुछ महीनो के बाद समय समय पर घाटी से यह प्रतिबंध हटा लिए गए थे | इस निर्णय को लागू करने में कोई परेशानी ना हो, कोई राजनीतिक आंदोलन ना हो इसके लिए प्रशासन की ओर से जम्मू कश्मीर में बहुत सारे राजनीतिक नेताओ को हिरासत में लिया गया था और फिर उन्हें नजर बंद कर दिया गया था |
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला, सहित कुछ और प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को नजर बंद करना शामिल था |
आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षा समीक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल को श्रीनगर भेजा गया था | अजीत डोवाल और राजीव गोवा हर सूचना केंद्र सरकार को दे रहे थे |
अजित डोवल घाटी के कई जिलों में पहुंचे थे और वहां के स्थानीय लोगों से मुलाकात की थी | इसके वीडियो भी जारी किए गए थे | उस समय में घाटी के ज्यादातर शहरों में सड़कों पर सन्नाटा प्रसर गया था | साथ ही बाजार भी बंद कर दिए गए थे | घाटी के संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बाल तैनात थी | सेना चप्पे – चप्पे पर नजर बनाए हुए थी |
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब पहली बार देश को संबोधित किया तो उन्होंने नए कश्मीर की लकीर खींची | इस निर्णय को शांति और राज्य के विकास के लिए जरूरी बताया था | प्रधान मंत्री मोदी ने इस दौरान सभी से जम्मू कश्मीर का साथ देने और निवेश की अपील भी की थी |
इस आर्टिकल को हटाने के बाद कहा गया था कि अब घाटी में नहीं सुबह होगी और जम्मू और कश्मीर में हर क्षेत्र में विकास देखने को मिलेगा
दोस्तों हमारे अगले एपिसोड में हम बात करेंगे कि आर्टिकल 370 हटाने के बाद लोगों को क्या नए अधिकार मिले है ? और जम्मू कश्मीर के लोगों के जीवन में क्या बदलाव आए हैं ? इसके पिछले पोस्ट मे हमने बताया था कि आर्टिकल 370 से कश्मीर में क्या – क्या परेशानियाँ थी , पढ़ने के लिए इस लिंक को ओपन करे :- धारा 370 और 35-A क्या है ?
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